कानपुर सेंट्रल पर ट्रेनें लेट, यात्रियों को हुई परेशानी
कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन पर मंगलवार रात को यात्रियों को **भीषण ठंड** में देर रात तक प्लेटफार्म पर इंतजार करना पड़ा। घने कोहरे और ट्रेन के संचालन में बाधा के कारण कई ट्रेनें **4 से 7 घंटे** तक लेट हो गईं। इससे न केवल आम यात्री, बल्कि परीक्षा के लिए आए परीक्षार्थी भी परेशान हुए। इस स्थिति ने कानपुर में रेलवे यात्रा की कठिनाइयों को एक बार फिर उजागर कर दिया है।
कोहरे का प्रभाव: ट्रेनें देरी से पहुंचीं
कानपुर में हाड़ कंपाने वाली सर्दी और घने कोहरे के चलते **वंदे भारत**, **राजधानी** और अन्य एक्सप्रेस ट्रेनें कई घंटों की देरी से कानपुर सेंट्रल पहुंची। इस दौरान यात्री ठंड से ठिठुरते हुए प्लेटफार्म पर अपनी बारी का इंतजार करते रहे। मंगलवार को, विशेष रूप से **ग्रुप-डी परीक्षा** के लिए आए परीक्षार्थियों की संख्या अधिक थी, जिन्होंने आगरा और आसपास के जिलों में परीक्षा केंद्रों का रुख किया था।
- वंदे भारत (20175) ट्रेन **3.03 घंटे** लेट हुई।
- अयोध्या कैंट से आनंद विहार जाने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस (22425) **3.16 घंटे** लेट हुई।
- हावड़ा राजधानी (12302) **6 घंटे 54 मिनट** की देरी से पहुंची।
- सियालदाह राजधानी (12314) **7 घंटे 34 मिनट** लेट रही।
इन देरी से चलने वाली ट्रेनों ने यात्रियों को **शीतलहर** का सामना करने पर मजबूर कर दिया। कुछ यात्रियों ने एक्जीक्यूटिव लाउंज और वेटिंग रूम में जाकर अपनी यात्रा का इंतजार किया, जबकि अन्य सामान्य यात्री प्लेटफार्म पर ही ठंड में ठिठुरते रहे।
यात्रियों की प्रतिक्रिया: परीक्षा के लिए चिंता
कई परीक्षार्थियों ने अपनी चिंता व्यक्त की। मोहित कुमार, जो आगरा जाने के लिए ट्रेन का इंतजार कर रहे थे, ने कहा, “मुझे **10:30 बजे** तक आगरा पहुंच जाना था, लेकिन ट्रेन काफी लेट है। अब मेरी सुबह की ग्रुप-डी परीक्षा में शामिल होने में काफी देरी हो जाएगी।”
धर्मेंद्र कुमार ने भी अपनी परेशानी बताई। उन्होंने कहा, “मुझे इंटरसिटी ट्रेन से आगरा जाना था, लेकिन अब ट्रेन लगभग **तीन घंटे** लेट हो गई है। अब हम देर रात तक ही आगरा पहुंच पाएंगे, जबकि सोचा था कि समय पर पहुंच जाएंगे।”
रेलवे प्रशासन की स्थिति
रेलवे प्रशासन ने यात्रियों को इस स्थिति के लिए माफी मांगी है और कहा है कि वे इस समस्या के समाधान के लिए प्रयासरत हैं। लेकिन यात्रियों की बढ़ती संख्या और ट्रेनों की लगातार देरी ने रेलवे सेवाओं की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए हैं। सर्दी के मौसम में यह स्थिति और भी चिंताजनक बन जाती है, खासकर जब यात्रियों को ठंड के बीच घंटों तक प्लेटफार्म पर इंतजार करना पड़ता है।
आगे की योजनाएं और सुझाव
विशेषज्ञों का मानना है कि रेलवे को कोहरे के दौरान ट्रेनों की गति को नियंत्रित करने और यात्रियों को समय पर जानकारी देने की आवश्यकता है। इसके साथ ही, प्लेटफार्मों पर उचित गर्मी की व्यवस्था और यात्रियों की सुरक्षा के लिए भी ठोस उपाय किए जाने चाहिए।
इस प्रकार, कानपुर सेंट्रल पर हुई यह घटना न केवल यात्रियों के लिए एक कठिनाई का कारण बनी, बल्कि यह रेलवे प्रशासन के लिए भी एक चुनौती है। आने वाले दिनों में यदि ऐसी ही स्थिति बनी रही, तो यात्रियों को और अधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है।






