बिहार में बढ़ती ठंड: प्रशासन ने स्कूलों में नियमित पढ़ाई पर लगाई रोक
भागलपुर। बिहार में ठंड, घने कोहरे और गिरते तापमान के कारण जिला प्रशासन ने छात्रों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। जिले के DM नवल किशोर चौधरी ने कक्षा 1 से 8 तक सभी सरकारी और निजी विद्यालयों में नियमित पढ़ाई पर रोक लगाने का आदेश जारी किया है। इस निर्णय का मुख्य उद्देश्य छात्रों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को सुनिश्चित करना है।
जारी आदेश के अनुसार, जिले के सभी सरकारी, गैर-सरकारी, निजी विद्यालय, प्री-स्कूल, आंगनबाड़ी केंद्र और कोचिंग संस्थानों में कक्षा 8 तक की पढ़ाई पर रोक रहेगी। हालांकि, विद्यालयों में प्रशासकीय कार्य सुबह 10 बजे से अपराह्न 3:30 बजे तक संचालित किए जाएंगे। DM ने स्पष्ट किया है कि इस दौरान शिक्षकों और कर्मचारियों की उपस्थिति आवश्यक होगी।
मौसम विभाग का अनुमान: ठंड और घने कोहरे में वृद्धि
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले दिनों में ठंड और घने कोहरे की स्थिति और गंभीर हो सकती है। सुबह और शाम के समय दृश्यता काफी कम हो रही है, जिससे बच्चों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका है। इस स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने एहतियातन यह निर्णय लिया है।
DM ने विद्यालय प्रबंधन को निर्देश दिया है कि आदेश का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए। यदि किसी भी संस्थान द्वारा आदेश की अवहेलना की जाती है, तो संबंधित के खिलाफ आपदा प्रबंधन अधिनियम एवं भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा-163 के तहत कार्रवाई की जाएगी। जिला शिक्षा पदाधिकारी को आदेश के अनुपालन की निगरानी करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जबकि पुलिस प्रशासन को भी पालन सुनिश्चित कराने के लिए कहा गया है।
डॉक्टरों की सलाह: ठंड के मौसम में सावधानी बरतें
भागलपुर के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. आर.के. सिंह ने ठंड के मौसम को लेकर लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि ठंड के मौसम में शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर पड़ जाती है, जिससे सर्दी-खांसी, बुखार, निमोनिया और अस्थमा जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।
डॉ. सिंह ने सलाह दी कि लोग सुबह-शाम अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें। यदि बाहर निकलना आवश्यक हो तो गर्म कपड़े, टोपी, मफलर और दस्ताने का उपयोग करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि बच्चों को ठंडे फर्श पर बैठने या खेलने से बचाना चाहिए और उन्हें हमेशा सूखे व गर्म कपड़े पहनाने चाहिए। गीले कपड़े तुरंत बदल देना चाहिए, क्योंकि नमी ठंड को और बढ़ा देती है। वहीं, बुजुर्गों को सुबह टहलने के लिए धूप निकलने के बाद ही बाहर जाना चाहिए।
सुरक्षा उपाय: ठंड से बचने के लिए जरूरी कदम
- गर्म कपड़े: ठंड में बाहर जाने से पहले उचित गर्म कपड़े पहनें। टोपी, मफलर और दस्ताने का प्रयोग करें।
- बच्चों की देखभाल: बच्चों को ठंडे फर्श पर बैठने से बचाएं और उन्हें सूखे कपड़े पहनाएं।
- बुजुर्गों का ध्यान: बुजुर्गों को सुबह टहलने के लिए धूप निकलने का इंतजार करना चाहिए।
- साफ-सफाई: गीले कपड़ों को तुरंत बदल दें ताकि नमी से बचा जा सके।
इस प्रकार, बिहार में ठंड के बढ़ते प्रभाव और स्वास्थ्य पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभावों को देखते हुए प्रशासन ने उचित कदम उठाए हैं। सभी नागरिकों से अपील की जा रही है कि वे इन सलाहों का पालन करें और अपनी और अपने प्रियजनों की सेहत का ध्यान रखें।






