गोरखपुर में समाजवादी पार्टी का पीडीए बीएलए प्रशिक्षण कार्यक्रम
गोरखपुर में महानगर समाजवादी पार्टी द्वारा एक दिवसीय पीडीए बीएलए (पोलिंग बूथ लेवल एजेंट) प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता महानगर अध्यक्ष शब्बीर कुरैशी ने की, जबकि संचालन की जिम्मेदारी महानगर महासचिव बृजनाथ मौर्य ने संभाली। इस कार्यक्रम का उद्देश्य पार्टी के कार्यकर्ताओं को नवीनतम चुनावी रणनीतियों और बूथ प्रबंधन के लिए प्रशिक्षण प्रदान करना था।
कार्यक्रम की शुरुआत पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की जयंती पर उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि देने के साथ हुई। इस अवसर पर शब्बीर कुरैशी ने अपने संबोधन में कहा कि समाजवादी पार्टी हमेशा चौधरी चरण सिंह के विचारों और नीतियों के मार्ग पर चलती आई है। उन्होंने यह भी बताया कि उनकी कृषि नीति से देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और किसानों की स्थिति में सुधार होगा।
कार्यकर्ताओं को बूथ पर सक्रिय रहने का संदेश
महानगर अध्यक्ष ने सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे हर बूथ पर सक्रिय नजर रखें और घर-घर जाकर मतदाता सूची की जांच करें। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि किसी भी स्थिति में वोट न कटने पाए। पूर्व जिलाध्यक्ष अवधेश यादव और नगीना प्रसाद साहनी ने कहा कि पीडीए प्रहरी पूरी जिम्मेदारी से अपना कार्य कर रहे हैं और बड़ी संख्या में वोट सुरक्षित रखने का कार्य कर रहे हैं।
पूर्व विधायक विजय बहादुर यादव और पूर्व महानगर अध्यक्ष जफर अमीन डक्कु ने इस बात पर जोर दिया कि पीडीए बीएलए को सतर्क रहना चाहिए ताकि किसी भी साजिश को सफल न होने दिया जाए। कार्यक्रम के अंत में सभी ने लोकतंत्र, संविधान और मताधिकार की रक्षा के लिए संघर्ष करने का संकल्प लिया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पार्टी नेता और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
सपा कार्यालय पर चौधरी चरण सिंह की जयंती का आयोजन
इसके साथ ही, सपा के बेतियाहाता स्थित कार्यालय पर भी चौधरी चरण सिंह की जयंती मनाई गई। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष ब्रजेश कुमार गौतम ने की और संचालन जिला महासचिव रामनाथ यादव ने किया। इस अवसर पर ब्रजेश कुमार गौतम ने कहा कि भाजपा सरकार के आने के बाद किसानों की समस्याएं लगातार बढ़ी हैं। महंगाई के कारण खेती की लागत बढ़ रही है, जबकि किसानों को उनकी फसलों का उचित मूल्य नहीं मिल रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार एमएसपी (मिनिमम सप्लाई प्राइस) की कानूनी गारंटी देने से बच रही है। इसके अलावा, उन्होंने किसानों के आंदोलन के दौरान कई किसानों की जान जाने का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार ने उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया। उन्होंने खाद की कमी, बिजली की समस्या और जमीन अधिग्रहण में उचित मुआवजा न मिलने को किसानों के साथ अन्याय बताया।
किसानों के मुद्दों पर चर्चा
- महंगाई के कारण खेती की लागत बढ़ रही है।
- किसानों को उचित दाम नहीं मिल रहा है।
- सरकार एमएसपी की कानूनी गारंटी देने में असमर्थ है।
- किसानों के आंदोलन में कई किसानों की जान गई।
- किसानों को खाद, बिजली और मुआवजे की कमी का सामना करना पड़ रहा है।
इस प्रकार, समाजवादी पार्टी ने अपने कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित करने के साथ-साथ किसानों की समस्याओं पर विचार करने का भी अवसर प्रदान किया। पार्टी के नेता और कार्यकर्ता मिलकर आगामी चुनावों में एकजुटता से काम करने के लिए तैयार हैं। यह कार्यक्रम न केवल प्रशिक्षण का अवसर था, बल्कि पार्टी के कार्यकर्ताओं के लिए एकजुटता और संकल्प का भी प्रतीक बना।






