Survey: परबत्ता बाजार में PWD की जमीन की नापी शुरू, दुकानदारों में चिंता बढ़ी

परबत्ता बाजार में सरकारी जमीन की नापी का कार्य शुरू बिहार के परबत्ता प्रखंड मुख्यालय स्थित परबत्ता बाजार में मंगलवार को लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) द्वारा सरकारी जमीन की नापी का कार्य प्रारंभ किया गया। इस कार्य के चलते सड़क किनारे दुकान लगाने वाले दुकानदारों में चिंता का माहौल व्याप्त हो गया है। दुकानदारों को…

परबत्ता बाजार में सरकारी जमीन की नापी का कार्य शुरू

बिहार के परबत्ता प्रखंड मुख्यालय स्थित परबत्ता बाजार में मंगलवार को लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) द्वारा सरकारी जमीन की नापी का कार्य प्रारंभ किया गया। इस कार्य के चलते सड़क किनारे दुकान लगाने वाले दुकानदारों में चिंता का माहौल व्याप्त हो गया है। दुकानदारों को यह डर सता रहा है कि कहीं उनकी दुकानें अतिक्रमण के चलते हटाई न जाएं, जिससे उनकी आजीविका पर संकट आ सकता है।

दुकानदारों में चिंता का माहौल

जैसे ही सरकारी अमीन बाजार में पहुंचे, दुकानदारों में हलचल मच गई। कई दुकानदार अपनी दुकानों की स्थिति को समझने में जुट गए। अगुवानी-महेशखुट मुख्य सड़क के दोनों किनारों पर वर्षों से फल, सब्जी, नाश्ता, चाय और ठेला-खोमचा लगाकर दर्जनों परिवार अपनी आजीविका कमा रहे हैं। यह क्षेत्र सुबह से शाम तक बाजार के रूप में जीवंत रहता है, लेकिन सड़क किनारे अवैध अतिक्रमण के कारण परबत्ता बाजार में अक्सर जाम की समस्या बनी रहती है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क पर बढ़ती भीड़ और अव्यवस्थित दुकानों के कारण कई बार छोटी-बड़ी दुर्घटनाएं भी हो चुकी हैं। अब अचानक नापी शुरू होने से दुकानदारों में अतिक्रमण हटाए जाने की आशंका है, जिससे उनके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा होने का भय है।

अंचलाधिकारी का बयान

इस मामले में अंचलाधिकारी हरिनाथ राम ने बताया कि पीडब्ल्यूडी की सरकारी जमीन की नापी नियमानुसार कराई जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नापी की रिपोर्ट के आधार पर आगे की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। अंचलाधिकारी ने यह भी बताया कि फिलहाल केवल मापी का कार्य किया गया है, और अंतिम निर्णय वरीय अधिकारियों के आदेश मिलने के बाद ही लिया जाएगा।

बाजार में अनिश्चिता का माहौल

इधर, नापी की खबर फैलने के बाद पूरे बाजार में चर्चाएं तेज हो गई हैं। कुछ लोग इसे अतिक्रमण हटाने की तैयारी मान रहे हैं, जबकि अन्य इसे प्रशासन की नियमित कार्रवाई बता रहे हैं। फिलहाल, परबत्ता बाजार में अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है और सभी की नजरें प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हुई हैं। दुकानदारों की चिंता इस बात को लेकर है कि यदि उनकी दुकानों को हटाया जाता है, तो उनकी आर्थिक स्थिति पर बहुत बुरा असर पड़ेगा।

समुदाय की प्रतिक्रियाएं

स्थानीय समुदाय के लोगों ने इस स्थिति पर अपनी प्रतिक्रियाएं दी हैं। कई लोग इस नापी को सकारात्मक मानते हैं, जिससे अव्यवस्थित दुकानदारों के कारण उत्पन्न होने वाली समस्याओं का समाधान हो सकेगा। वहीं दूसरी ओर, कई दुकानदारों ने प्रशासन से अपील की है कि उन्हें वैकल्पिक स्थान दिया जाए ताकि वे अपनी आजीविका जारी रख सकें।

  • सड़क पर बढ़ती भीड़: स्थानीय लोगों का कहना है कि भीड़ के कारण पैदल चलना मुश्किल हो गया है।
  • दुर्घटनाओं की आशंका: अव्यवस्थित दुकानों के कारण कई बार दुर्घटनाएं हो चुकी हैं।
  • आजीविका पर संकट: दुकानदारों को अपनी रोजी-रोटी का संकट खड़ा होने का डर है।
  • प्रशासन की प्रतिक्रिया: नापी के बाद की प्रक्रिया वरीय अधिकारियों के आदेश के बाद ही होगी।

इस स्थिति में परबत्ता बाजार के दुकानदारों और स्थानीय लोगों की चिंताओं को समझना महत्वपूर्ण है। प्रशासन को चाहिए कि वह दुकानदारों के भविष्य की सुरक्षा के लिए उचित कदम उठाए और साथ ही बाजार में अव्यवस्था को भी खत्म करने का प्रयास करे। इस प्रकार, सभी पक्षों के लिए संतुलन स्थापित करना आवश्यक है ताकि स्थानीय व्यापार और लोगों की आजीविका प्रभावित न हो।

Bihar News in Hindi



Kapil Sharma

Kapil Sharma has worked as a journalist in Jagran New Media and Amar Ujala. Before starting his innings with Khabar 24 Live, he has served in many media organizations including Republic Bharat.

View All Posts →

Check All Tools