एटा पुलिस ने किशोरों के लिए जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया
एटा: एटा पुलिस ने ‘ऑपरेशन जागृति फेस 5.0’ के तहत आईटीआई कॉलेज, कोतवाली देहात क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवा छात्रों को एलोपमेंट, किशोरावस्था की समस्याओं, और सामाजिक सुरक्षा से संबंधित मुद्दों पर जागरूक करना था। अपर पुलिस अधीक्षक अपराध एटा, योगेन्द्र सिंह ने छात्रों को कई महत्वपूर्ण जानकारियाँ दीं और उत्तर प्रदेश शासन द्वारा जारी हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी भी साझा की।
इस दौरान, योगेन्द्र सिंह ने बताया कि किशोरावस्था एक संवेदनशील दौर है, जिसमें भावनाएं तीव्र होती हैं और निर्णय लेने की क्षमता पूरी तरह विकसित नहीं होती। उन्होंने छात्रों को आगाह किया कि इस दौरान झूठे वादे, भावनात्मक दबाव, लालच, या सोशल मीडिया के माध्यम से बहकावे में आकर वे गलत निर्णय ले सकते हैं।
किशोरावस्था में भावनात्मक दबाव और गलत फैसले
कार्यक्रम के दौरान योगेन्द्र सिंह ने स्पष्ट किया कि घर से भागना (एलोपमेंट) किसी समस्या का समाधान नहीं है, बल्कि यह एक कानूनी अपराध है। इससे न केवल असुरक्षा उत्पन्न होती है, बल्कि भविष्य के लिए भी गंभीर संकट उत्पन्न हो सकता है। उन्होंने छात्रों को यह समझाने का प्रयास किया कि समस्याओं का समाधान ढूंढने के लिए संवाद करना अधिक महत्वपूर्ण है।
अपर पुलिस अधीक्षक ने बताया कि किशोरों के लिए यह आवश्यक है कि वे अपने परिवार के सदस्यों और अभिभावकों से खुलकर अपनी समस्याओं पर चर्चा करें। उन्होंने गुड टच-बैड टच, साइबर सुरक्षा, और नशा मुक्ति जैसे विषयों पर भी विस्तृत जानकारी प्रदान की। उनका कहना था कि इन विषयों पर जागरूकता बढ़ाना अत्यंत आवश्यक है ताकि युवा पीढ़ी सुरक्षित रह सके।
कार्यक्रम के महत्व और संदेश
यह जागरूकता कार्यक्रम एडीजी ज़ोन आगरा अनुपमा कुलश्रेष्ठ के निर्देशन और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्याम नारायण सिंह के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। इस अवसर पर थाना प्रभारी विनोद कुमार और अन्य पुलिसकर्मी भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का मुख्य संदेश था, ‘बहकावे से बचें, जागरूक रहें, सुरक्षित भविष्य चुनें’।
एटा पुलिस ने इस कार्यक्रम के माध्यम से न केवल किशोरों को जागरूक किया, बल्कि उनके अभिभावकों को भी समझाया कि बच्चों की समस्याओं को गंभीरता से लेना कितना आवश्यक है। समाज में बढ़ते अपराध और किशोरों के बीच बढ़ती शैक्षणिक और सामाजिक समस्याओं के मद्देनजर, इस तरह के जागरूकता कार्यक्रमों की बहुत अधिक आवश्यकता है।
किशोरों की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम
किशोरों की सुरक्षा के लिए कई कदम उठाने की आवश्यकता है। इनके अंतर्गत निम्नलिखित बिंदुओं पर ध्यान दिया जा सकता है:
- किशोरों को सही और गलत के बीच का अंतर समझाना।
- परिवार में संवाद का वातावरण बनाना।
- सोशल मीडिया पर सतर्क रहना और उसके प्रभावों को समझना।
- साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक रहना।
- नशे के प्रति जागरूकता बढ़ाना और इसके दुष्प्रभावों के बारे में बताना।
इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में एक ठोस कदम उठाया जा सकता है। एटा पुलिस ने इस दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की है, जो निश्चित रूप से किशोरों और उनके परिवारों के लिए लाभकारी सिद्ध होगी।
युवाओं को सही दिशा में मार्गदर्शन देने के लिए इस तरह के कार्यक्रमों की निरंतरता आवश्यक है, ताकि वे स्वस्थ और सुरक्षित जीवन जी सकें।






