Court News: बड़वानी चौराहे पर दुकानें लौटें, व्यापारी का दावा

बड़वानी में दुकानदारों की न्याय की गुहार बड़वानी शहर के कोर्ट चौराहा क्षेत्र में दशकों से व्यापार कर रहे दुकानदार अब अपनी रोजी-रोटी के लिए संघर्ष कर रहे हैं। यह स्थिति पिछले कई वर्षों से बनी हुई है, जब नगर पालिका परिषद ने 14 नवंबर 2014 को एक नोटिस देकर इन दुकानदारों को अपने स्थान…

बड़वानी में दुकानदारों की न्याय की गुहार

बड़वानी शहर के कोर्ट चौराहा क्षेत्र में दशकों से व्यापार कर रहे दुकानदार अब अपनी रोजी-रोटी के लिए संघर्ष कर रहे हैं। यह स्थिति पिछले कई वर्षों से बनी हुई है, जब नगर पालिका परिषद ने 14 नवंबर 2014 को एक नोटिस देकर इन दुकानदारों को अपने स्थान से हटा दिया था। इस नोटिस के बाद से, ये दुकानदार बेरोजगार हो गए और किसी तरह किराए की दुकानों में काम करके अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे हैं।

लगभग 40 वर्षों से व्यापार कर रहे इन पुराने दुकानदारों ने अब जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर अपनी समस्याओं का समाधान मांगा है। पीड़ित दुकानदार राजेश राठौड़ और संजय सिंह सोलंकी ने बताया कि नगर पालिका ने बाद में नई दुकानें बना कर उन्हें अन्य लोगों को आवंटित किया, लेकिन पुराने संचालकों की स्थिति की कोई सुध लेने वाला नहीं है।

दुकानदारों का दर्द और नई दुकानें

दुकानदारों का कहना है कि उन्हें बिना किसी पूर्व सूचना के दुकानों से हटा दिया गया। इसके बाद जब नगर पालिका ने नई दुकानें बनाई, तो उन दुकानों को नए लोगों को लागत मूल्य पर आवंटित कर दिया गया। इस प्रक्रिया से विक्षिप्त होकर, पुराने दुकानदारों ने कलेक्टर के पास आवेदन देकर अपनी वापसी की मांग की है।

उन्होंने आरोप लगाया कि नगर पालिका द्वारा उनकी अनदेखी की जा रही है और नई दुकानों का आवंटन कुछ विशेष लोगों को दिया जा रहा है। रमेशचंद्र गुप्ता और ओमप्रकाश गुप्ता जैसे अन्य पीड़ितों ने 23 दिसंबर 2025 को होने वाली ‘पार्षद परिषद’ (PIC) की बैठक में कुछ नए लोगों को दुकानें देने के प्रस्ताव का विरोध किया है।

पार्षद परिषद की बैठक पर उठाए सवाल

दुकानदारों का आरोप है कि इस बैठक में पुराने दुकानदारों को नजरअंदाज किया जा रहा है। उनका कहना है कि जो लोग वर्षों से इस क्षेत्र में काम कर रहे थे, उन्हें बाहर रखकर नए लोगों को लाभ पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने इसे पूर्णतः अनुचित करार दिया है और प्रशासन से उचित कार्रवाई की गुहार लगाई है।

दुकानदारों ने जनसुनवाई में यह भी कहा है कि उन्हें भी लागत मूल्य पर दुकानें दी जाएं ताकि वे अपना व्यवसाय फिर से शुरू कर सकें। उन्होंने प्रशासन से अनुरोध किया है कि PIC को निर्देशित किया जाए कि आवंटन में पुराने दुकानदारों को प्राथमिकता दी जाए।

कलेक्टर से न्याय की उम्मीद

इन दुकानदारों का कहना है कि अब उनकी उम्मीदें कलेक्टर की कार्रवाई पर टिकी हुई हैं। उन्होंने कलेक्टर से निवेदन किया है कि उनकी समस्याओं का समाधान किया जाए और उन्हें उनकी पुरानी दुकानों का आवंटन किया जाए। इस संदर्भ में, दुकानदारों ने संघर्ष के माध्यम से अपनी आवाज उठाई है और न्याय की उम्मीद में प्रशासन की ओर देख रहे हैं।

यह मामला बड़वानी के लिए एक महत्वपूर्ण मुद्दा बन गया है, जिसमें न केवल दुकानदारों का भविष्य दांव पर है, बल्कि स्थानीय व्यापार के विकास पर भी इसका असर पड़ सकता है। यदि प्रशासन इस मामले में उचित कार्रवाई नहीं करता है, तो यह न केवल दुकानदारों के लिए बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए एक नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है।

दुकानदारों की यह कहानी दर्शाती है कि कैसे प्रशासनिक नीतियों का प्रभाव आम जनता पर पड़ता है और कैसे न्याय की उम्मीद में वे संघर्ष कर रहे हैं। ऐसे मामलों में, यह आवश्यक है कि स्थानीय प्रशासन अपनी जिम्मेदारियों को समझे और उन लोगों की मदद करे जो वर्षों से अपने व्यवसाय के लिए संघर्ष कर रहे हैं।



Kapil Sharma

Kapil Sharma has worked as a journalist in Jagran New Media and Amar Ujala. Before starting his innings with Khabar 24 Live, he has served in many media organizations including Republic Bharat.

View All Posts →

Check All Tools