Protest: नोएडा प्राधिकरण के खिलाफ किसानों का प्रदर्शन, तीन गेट बंद

नोएडा प्राधिकरण का घेराव, किसान उठाएंगे अपने हक की मांग नोएडा के सेक्टर-6 स्थित प्राधिकरण कार्यालय के बाहर मंगलवार को भारतीय किसान यूनियन मंच के सदस्यों ने जोरदार प्रदर्शन किया। किसानों की एक बड़ी संख्या ने प्राधिकरण का रिसेप्शन बंद कर दिया, जिसके बाद गेट नंबर 2 और 3 को भी बंद कर दिया गया।…

नोएडा प्राधिकरण पर किसानों का प्रदर्शन:तीनों गेट को किया बंद, बोले ," हमे सिर्फ छला गया, आज तक नहीं हुए काम"

नोएडा प्राधिकरण का घेराव, किसान उठाएंगे अपने हक की मांग

नोएडा के सेक्टर-6 स्थित प्राधिकरण कार्यालय के बाहर मंगलवार को भारतीय किसान यूनियन मंच के सदस्यों ने जोरदार प्रदर्शन किया। किसानों की एक बड़ी संख्या ने प्राधिकरण का रिसेप्शन बंद कर दिया, जिसके बाद गेट नंबर 2 और 3 को भी बंद कर दिया गया। इस कार्रवाई के चलते प्राधिकरण में रोजमर्रा के काम से आए लोग अंदर नहीं जा सके।

किसानों ने अपनी मांगों को लेकर कहा कि आबादी विनियमितिकरण के नाम पर उन्हें टारगेट करके नोटिस भेजे जा रहे हैं। खासकर सुल्तानपुर गांव में कई किसानों को नोटिस जारी किए गए हैं। किसानों का आरोप है कि अब तक गांवों के विकास के लिए जो भी कार्य किए जाने थे, उनकी जानकारी भी प्राधिकरण द्वारा नहीं दी गई है, जिससे किसानों में रोष है।

प्रदर्शन के दौरान किसान दोपहर 12 बजे से एकत्रित होना शुरू हुए और जल्द ही उन्होंने प्राधिकरण के गेट को बंद कर दिया। भारतीय किसान यूनियन मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष विमल त्यागी ने धरने को संबोधित करते हुए कहा कि “नोएडा प्राधिकरण किसानों को हल्के में लेने की भूल ना करें। इस बार किसानों का हक लेकर ही वापस जाएंगे। चाहे धरना कितना भी लंबा क्यों न चले, किसान पीछे नहीं हटेंगे।”

किसानों की मांगें और प्राधिकरण की प्रतिक्रिया

किसानों का कहना है कि उन्हें हर बार सिर्फ आश्वासन ही मिलते हैं। कभी 15 दिन का तो कभी एक महीने का समय दिया जाता है, लेकिन नतीजा हमेशा वही ढाक के तीन पात रहता है। इस बार किसानों ने ठान लिया है कि वे अपने हक के बिना धरना खत्म नहीं करेंगे।

भारतीय किसान यूनियन मंच के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अशोक चौहान ने कहा कि “प्राधिकरण के अधिकारियों द्वारा किसानों से बार-बार किए गए समझौतों में स्पष्ट रूप से लिखा गया है कि किसानों का कई प्रकार के लाभ जैसे कि 5 प्रतिशत और 10 प्रतिशत के भूखंड, 1976 से 1997 के बीच के किसान कोटे के प्लॉट और आबादी का संपूर्ण निस्तारण प्राधिकरण पर बकाया है। ये सभी कार्य अब तक नहीं हो सके हैं।”

किसानों का समर्थन और भविष्य की योजना

किसानों ने इस प्रदर्शन के माध्यम से अपनी आवाज उठाने का निर्णय लिया है। उनका कहना है कि वे अपनी मांगों को लेकर अंत तक लड़ाई जारी रखेंगे। धरने के आयोजकों का मानना है कि नोएडा प्राधिकरण को किसानों की समस्याओं का गंभीरता से समाधान करना चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति उत्पन्न न हो।

किसान नेताओं ने सभी किसानों से अपील की है कि वे इस आंदोलन में बढ़-चढ़कर भाग लें और अपनी आवाज को और अधिक मजबूती से उठाएं। उनका मानना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक यह अनिश्चितकालीन धरना जारी रहेगा।

भविष्य की संभावनाएं

किसान आंदोलन की यह स्थिति यह दर्शाती है कि किसानों में एकजुटता बनी हुई है और वे अपने हक के लिए लड़ने के लिए तैयार हैं। यदि प्राधिकरण इस मुद्दे को सुलझाने में देरी करता है, तो यह स्थिति और भी भयंकर हो सकती है। प्राधिकरण को चाहिए कि वह किसानों की समस्याओं को प्राथमिकता दे और जल्द से जल्द समाधान निकाले।

इस प्रदर्शन के बाद अब सभी की निगाहें नोएडा प्राधिकरण की ओर हैं, यह देखने के लिए कि क्या वे किसानों की मांगों का सम्मान करेंगे या उन्हें फिर से आश्वासन देकर टाल देंगे। किसान संगठनों का कहना है कि वे किसी भी प्रकार के असंतोष को सहन नहीं करेंगे और अपनी मांगों को पूरा कराने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे।

किसान आंदोलन की यह स्थिति न केवल किसान समुदाय के लिए, बल्कि समस्त समाज के लिए एक महत्वपूर्ण संकेत है कि जब लोग एकजुट होते हैं, तो वे अपने अधिकारों के लिए लड़ सकते हैं।

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Kapil Sharma

Kapil Sharma has worked as a journalist in Jagran New Media and Amar Ujala. Before starting his innings with Khabar 24 Live, he has served in many media organizations including Republic Bharat.

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