Governance: बिहार के पुरनहिया में 8 पंचायतों में शिविर, ग्रामीणों को मिलेगी सुविधा

बिहार में गुड गवर्नेंस इनिशिएटिव के तहत शिविरों का आयोजन शिवहर जिला स्थित पुरनहिया प्रखंड की सभी आठ पंचायतों में मंगलवार को एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का नाम ‘गुड गवर्नेंस इनिशिएटिव’ रखा गया, जिसके तहत स्थानीय ग्रामीणों के लिए शिविरों का आयोजन किया गया। इन शिविरों का उद्देश्य ग्रामीणों को जॉब…

बिहार में गुड गवर्नेंस इनिशिएटिव के तहत शिविरों का आयोजन

शिवहर जिला स्थित पुरनहिया प्रखंड की सभी आठ पंचायतों में मंगलवार को एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का नाम ‘गुड गवर्नेंस इनिशिएटिव’ रखा गया, जिसके तहत स्थानीय ग्रामीणों के लिए शिविरों का आयोजन किया गया। इन शिविरों का उद्देश्य ग्रामीणों को जॉब कार्ड, मनरेगा निर्माण और अन्य सरकारी सेवाओं के लिए आवेदन करने की सुविधा प्रदान करना था। ग्रामीणों को पंचायत भवन में ही सभी आवश्यक सेवाएं उपलब्ध कराई गईं, जिससे उन्हें दूर-दूर के कार्यालयों में जाने की आवश्यकता नहीं पड़ी।

इन शिविरों का मुख्य लक्ष्य ग्रामीणों का समय और धन बचाना था। कई बार ग्रामीणों को सरकारी सेवाओं के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी, लेकिन अब उन्हें अपने ही पंचायत में सेवाएं मिल रही हैं। इस पहल से न केवल उन्हें सुविधाएं मिल रही हैं, बल्कि यह प्रशासनिक कार्यों में भी सुधार ला रहा है।

आवश्यक सेवाओं के लिए नोडल अधिकारियों की नियुक्ति

शिविरों के सफल संचालन के लिए प्रत्येक पंचायत में एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया था। ये नोडल अधिकारी शिविरों की गतिविधियों की देखरेख कर रहे थे और सुनिश्चित कर रहे थे कि सभी ग्रामीणों को उनकी आवश्यक सेवाएं समय पर मिलें। चंडिहा पंचायत में सुमित कुमार, अदौरी पंचायत में अरविंद कुमार, बसंत जगजीवन में गगन कुमार मिश्रा, बसंत पट्टी में ज्योति कुमारी, बराही जगदीश में श्याम नारायण ठाकुर, कोलुवा ठिकहा में पूनम कुमारी, अभिराजपुर बैरिया में नवनीत रसद और दोस्तियां में गौरी कुमारी ने यह जिम्मेदारी संभाली।

जॉब कार्ड और मनरेगा निर्माण के लिए आवेदन की संख्या

इस आयोजन के दौरान जॉब कार्ड और मनरेगा निर्माण के लिए बड़ी संख्या में आवेदन प्राप्त हुए। चंडिहा पंचायत से 5, अदौरी से 5, बसंत जगजीवन से 6, कोलुवा ठिकहा से 5, अभिराजपुर बैरिया से 5 और बसंत पट्टी से 3 आवेदन जमा किए गए। यह संख्या दर्शाती है कि ग्रामीणों में इस पहल के प्रति कितना उत्साह था और उन्हें सरकारी सेवाओं की कितनी आवश्यकता थी।

शिविरों में उपस्थित महत्वपूर्ण लोग

इन शिविरों के दौरान संबंधित पंचायत के कई महत्वपूर्ण लोग मौजूद रहे। इनमें किसान सलाहकार, विकास मित्र, ग्राम कचहरी सचिव, आवास सहायक, आंगनवाड़ी सेविका, रोजगार सेवक और पंचायत सचिव शामिल थे। इसके अलावा, मनरेगा कर्मी राम प्रवेश भी इन शिविरों में उपस्थित रहे, जिन्होंने ग्रामीणों को आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया।

यह पहल न केवल ग्रामीणों के लिए सरकारी सेवाओं को सुलभ बनाने में मददगार साबित हो रही है, बल्कि यह प्रशासनिक प्रक्रियाओं को भी सरल और पारदर्शी बना रही है। इस प्रकार के आयोजनों से ग्रामीण समुदाय में जागरूकता बढ़ रही है और वे अपने अधिकारों के प्रति सजग हो रहे हैं।

अंतिम विचार

गुड गवर्नेंस इनिशिएटिव के तहत आयोजित शिविरों की सफलता यह दर्शाती है कि जब प्रशासन और समुदाय मिलकर काम करते हैं, तो सकारात्मक परिणाम सामने आते हैं। यह कार्यक्रम बिहार के अन्य जिलों के लिए एक उदाहरण स्थापित करता है कि कैसे स्थानीय स्तर पर प्रशासनिक सेवाओं को बेहतर बनाया जा सकता है। उम्मीद की जा रही है कि भविष्य में इस तरह के और भी शिविर आयोजित किए जाएंगे, जिससे ग्रामीणों को अधिक से अधिक सुविधाएं मिल सकें।

बिहार की अन्य खबरों के लिए यहां क्लिक करें



Kapil Sharma

Kapil Sharma has worked as a journalist in Jagran New Media and Amar Ujala. Before starting his innings with Khabar 24 Live, he has served in many media organizations including Republic Bharat.

View All Posts →

Check All Tools