Bihar News: ठेकेदार ने जेलर पर मारपीट का आरोप, सस्पेंस बरकरार

बिहार: नालंदा में ठेकेदार पर जेलर ने लगाया मारपीट का आरोप बिहार के नालंदा जिले से एक विवादास्पद मामला सामने आया है, जहां एक ठेकेदार ने मंडल कारा के जेलर पर गंभीर आरोप लगाए हैं। इस मामले में ठेकेदार कैप्टन शाहिद ने आरोप लगाया है कि जेलर ने उन्हें बेरहमी से पीटा। यह घटना बिहार…

बिहार: नालंदा में ठेकेदार पर जेलर ने लगाया मारपीट का आरोप

बिहार के नालंदा जिले से एक विवादास्पद मामला सामने आया है, जहां एक ठेकेदार ने मंडल कारा के जेलर पर गंभीर आरोप लगाए हैं। इस मामले में ठेकेदार कैप्टन शाहिद ने आरोप लगाया है कि जेलर ने उन्हें बेरहमी से पीटा। यह घटना बिहार शरीफ मंडल कारा से जुड़ी हुई है और इस मामले ने इलाके में खलबली मचा दी है।

कैप्टन शाहिद, जो कि कागजी मोहल्ला का निवासी है, ने बताया कि उन्होंने अपनी पत्नी के नाम पर ठेकेदारी का लाइसेंस लिया है और पिछले एक डेढ़ महीने से मंडल कारा में मरम्मती का कार्य करवा रहे हैं। मंगलवार को अचानक जेलर ने उन पर पीछे से लोहे की रॉड से हमला कर दिया, जिससे वह चक्कर खाकर गिर पड़े। इस हमले के दौरान जेलर ने उन्हें अपशब्द भी कहे। शाहिद ने इस घटना की शिकायत जेल सुपरिटेंडेंट और स्थानीय थाने में दर्ज कराई है। बाद में उन्हें इलाज के लिए बिहार शरीफ मॉडल अस्पताल ले जाया गया।

ठेकेदार की न्याय की मांग

कैप्टन शाहिद ने इस मामले में जिलाधिकारी और नालंदा के एसपी से अपील की है कि वे इस मामले को गंभीरता से लें और उन्हें न्याय दिलाने में मदद करें। हालांकि, उन्होंने मारपीट के पीछे का कोई ठोस कारण नहीं बताया है, जिससे मामला और भी जटिल हो गया है।

जेलर अरविंद कुमार ने इस मामले में अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि आरोप बेबुनियाद हैं। उनका कहना है कि ठेकेदार की चोट गाड़ी की डिक्की से लगी है। उन्होंने अपनी गाड़ी को आने-जाने के रास्ते में खड़ी कर रखा था और जब उन्हें उस गाड़ी को हटाने के लिए कहा गया, तो वह उल्टा गार्ड पर ही भड़क गए। जेलर ने कहा, “मेरे ऊपर लगाए गए आरोप पूरी तरह से गलत हैं और उनके साथ काम करने वाले कारीगर अभी भी जेल के कैंपस में काम कर रहे हैं।”

स्थानीय लोगों की प्रतिक्रियाएं

इस घटना पर स्थानीय निवासियों की राय भी अलग-अलग है। कुछ लोग ठेकेदार के समर्थन में खड़े हो गए हैं और उनका मानना है कि जेलर को अपने पद का दुरुपयोग नहीं करना चाहिए। वहीं, कुछ लोगों ने जेलर के पक्ष में भी बात की है और कहा है कि जब तक सभी तथ्यों की पुष्टि नहीं हो जाती, तब तक किसी एक पक्ष को सही ठहराना उचित नहीं है।

  • ठेकेदार: “मुझे न्याय चाहिए, जेलर ने मुझ पर जानलेवा हमला किया।”
  • जेलर: “यह सब बेबुनियाद आरोप हैं, मैं अपनी जिम्मेदारियों का पालन कर रहा था।”
  • स्थानीय निवासी: “हम मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हैं।”

समाज में बढ़ती हिंसा की चिंता

यह घटना न केवल एक व्यक्तिगत विवाद है, बल्कि समाज में बढ़ती हिंसा और अधिकारियों के दुरुपयोग की प्रवृत्ति को भी उजागर करती है। ऐसे मामलों का बढ़ना समाज में असुरक्षा की भावना को बढ़ाता है और नागरिकों में विश्वास को कमजोर करता है। इस मामले में अगर उचित कार्रवाई नहीं की गई, तो यह अन्य लोगों के लिए भी एक नकारात्मक उदाहरण बन सकता है।

निष्कर्ष

नालंदा के इस विवाद ने एक बार फिर से यह सवाल उठाया है कि क्या हमारे समाज में कानून और व्यवस्था की स्थिति सही है। ठेकेदार और जेलर के बीच का यह विवाद न केवल उनकी व्यक्तिगत लड़ाई है, बल्कि यह एक बड़े मुद्दे का संकेत भी है। हमें उम्मीद है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच होगी और जो भी दोषी हो, उसे उचित सजा मिलेगी।

स्थानीय प्रशासन और न्यायिक प्रणाली को इस मामले को गंभीरता से लेते हुए सभी पक्षों के बयानों की पूरी जांच करनी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

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Kapil Sharma

Kapil Sharma has worked as a journalist in Jagran New Media and Amar Ujala. Before starting his innings with Khabar 24 Live, he has served in many media organizations including Republic Bharat.

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